
बिहार कृषि इनपुट अनुदान योजना बिहार सरकार द्वारा शुरू की गई योजना है। सरकार ने यह योजना बिहार राज्य के किसानों के लिए शुरू की है। क्योंकि कई बार ज्यादा बारिश होने के कारण, आंधी तूफ़ान या फिर ज्यादा गर्मी की वजह से या फिर कभी फसल पकने के समय बारिश नहीं होती है, दावानल के कारण फसलें जल जाती हैं, या फिर बाढ़ जैसी किसी भी प्राकृतिक आपदा के कारण किसाओं की फसलें बर्बाद हो जाती हैं तो इससे किसानों का बहुत ज्यादा नुकसान हो जाता है ।उस नुक्सान की भरपाई करने के चक्कर में वो कई बार सुसाइड करने जैसे गलत कदम उठा लेते है | तो ऐसे में किसान कोई गलत कदम ना उठाये इसलिए सरकार ने इस योजना की शुरुआत की है | फसल के लिए खेत जोतने से लेकर कीटनाशक, खाद, पानी बीज से लेकर कई सारी चीजों के पैसों का नुकसान हो जाता है। इस तरह की आपदाओं के कारण फसलों के खराब होने पर सरकार इस नुकसान से राहत देने के लिए किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करती है। इस बिहार कृषि इनपुट अनुदान योजना 2023 के तहत जिन किसानों की फसलें खराब हो जाती हैं, उनको प्रति हेक्टेयर के हिसाब से ज्यादातर 13 हज़ार 500 रूपये की आर्थिक/वित्तीय सहायता प्रदान करती है ।बिहार कृषि इनपुट अनुदान योजना 2023 के अंतर्गत राज्य के औरगाबाद, भागलपुर, बक्सर, गया, जहानाबाद, कैमूर, मुजफ्फरपुर, पटना, पूर्वी चंपारण, समस्तीपुर व वैशाली शामिल है।अगर आपको इस योजना के बारे में जानकारी नहीं है तो हम आपको बिहार कृषि इनपुट अनुदान योजना के बारे में संपूर्ण जानकारी प्रदान करेंगे कृपया आप इस आर्टिकल को अंत तक पड़े |
बिहार कृषि इनपुट अनुदान योजना 2023
बिहार कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत राज्य के जिन किसानों की फसल किसी प्राकृतिक आपदा जैसे बाढ़, सूखा पड़ना, आग लगना, ओले गिरने से फसल खराब होने पर किसानों को ऐसे कई सारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है चाहे वो आर्थिक समस्या हो या फिर कोई और, जो परिवार केवल खेती करते हैं उनके पास खेती और फसलों के अलावा और कोई दूसरा आय का साधन नहीं होता है। फसलें खराब होने पर किसानों की आर्थिक स्थिति पर प्रभाव पड़ता है, ऐसे में वे ना ही नयी फसलों को बो सकते हैं। इस स्थिति में किसानों को हुए इस नुकसान की भरपाई करने के लिए सरकार द्वारा वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। इस वित्तीय सहायता के लिए सरकार द्वारा यह बिहार कृषि इनपुट अनुदान योजना शुरू की गई है। जिसके तहत राज्य के किसानों को यह लाभ प्रदान किया जा सके।साथ ही किसानों को योजना के तहत तीन भागों/श्रेणी में रखा गया है – स्वयं भूधारी, वास्तविक खेतिहर, स्वयं भूधारी+वास्तविक खेतिहर। इन तीनो श्रेणियों में से आवेदक किसान किसी एक ही श्रेणी के अंतर्गत आवेदन कर सकता है। जिन किसानों की फसलें अतिवृष्टि (ज्यादा बारिश होना) के कारण या बाढ़ के कारण खराब होती है, उन किसानों को असिंचित फसल क्षेत्र के लिए 6,800 रूपये प्रति हेक्टेयर के हिसाब से सहायता प्रदान करेगी सरकार | और सिंचित भूमि की फसल खराब होने पर 13,500 रूपये प्रति हेक्टेयर के हिसाब से दिए जाएंगे । और खेती वाली जमीन जहाँ पर रेत का जमाव होता है, (3 इंच से ज्यादा ) इस जमीन पर 12,200 रूपये प्रतिहेक्टेयर के हिसाब से अनुदान दिया जाएगा |
कृषि इनपुट अनुदान योजना का उद्देश्य
बिहार कृषि इनपुट अनुदान योजना का उद्देश्य यह है कि राज्य के बहुत से ऐसे लोग है जो खेती करते है और जब फसलों प्राकर्तिक आपदाओं की वजह से खराब हो जाती है तो किसानो को भारी नुकसान उठाना पड़ता है । जिसकी वजह से किसान आत्महत्या कर लेते है इन सभी परेशानियों को देखते हुए राज्य सरकार ने कृषि इनपुट अनुदान योजना 2023 की शुरुआत की है |इस योजना के तहत बारिश , आंधी या फिर ओले से फसल नष्ट होने पर किसानों को सरकार के द्वारा प्रति हेक्टेयर तक अधिकतम 13500 रुपए का अनुदान प्रदान किया जायेगा ।
बिहार कृषि इनपुट अनुदान योजना के लाभ
- इस योजना के तहत असिंचित भूमि में फसल के लिए 6800 रुपए प्रति हेक्टेयर और सिंचित भूमि के लिए किसान को प्रति हेक्टेयर 13500 रुपए का अनुदान दिया जायेगा |
- बिहार कृषि इनपुट अनुदान योजना के अंतर्गत प्रभावित किसान को इस योजना में न्यूनतम 1 हज़ार रुपए का अनुदान दिया जाएगा।
- बिहार कृषि इनपुट अनुदान योजना के अंतर्गत सब्सिडी की राशि DBT के माध्यम से दी जाती है ऐसी स्थिति में आपके खाते में पैसा आधार कार्ड के जरिये ही भेजा जाएगा।
- राज्य के जो इच्छुक लाभार्थी इस योजना का लाभ उठाना चाहते है तो वो इस योजना के तहत आवेदन कर सकते है ।
- बिहार कृषि इनपुट अनुदान योजना का लाभ लेने के लिए सबसे पहले आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि आपका जिला सूखाग्रस्त घोषित हुआ है या नहीं इसकी जानकारी आपको अपने ब्लॉक में जाकर मिल जायेगी ।
जरूरी दस्तावेज
- आधार कार्ड
- पैन कार्ड
- निवास प्रमाण पत्र
- आय प्रमाण पत्र
- जमीन के कागजात
- पहचान पत्र
- मोबाइल नंबर
- बैंक खाता विवरण
- पासपोर्ट साइज फोटो
कृषि इनपुट अनुदान योजना की आवेदन प्रक्रिया
- सबसे पहले, आप ऑफिसियल वेबसाइट https://dbtagriculture.bihar.gov.in पर जाएं।
- वेबसाइट खुलने के बाद , “अनुदान योजना ऑनलाइन आवेदन” ऑप्शन पर क्लिक करे
- आवेदन फॉर्म में अपनी जानकारी जैसे नाम, पता, आयु, और संपर्क जानकारी भरे ।
- आपको फॉर्म में अपनी फसल के विवरण जैसे कि फसल का नाम, खेत का आकार, और उत्पादकता के बारे में भी जानकारी भरनी होगी |
- आवेदन फॉर्म भरने के बाद, आपको अपने डॉक्यूमेंट अपलोड करने है , जैसे कि आधार कार्ड, किसान पंजीकरण पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज।
- इसके बाद आवेदक को अपनी भूमि की जानकारी और फसल के नुकसान का कारण भी भरना होगा ।
- उसके बाद ,आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर OTP आएगा ।
- आपने उस OTP को आवेदन फॉर्म में भरना है ।
- इसके बाद अपना आवेदन फॉर्म ऑनलाइन जमा करना होगा ।और फिर आपको पंजीकरण संख्या मिल जाएगी उस संख्या को आपको सुरक्षित रखना होगा ।
बिहार कृषि इनपुट अनुदान योजना 2023 (FAQs)
कृषि इनपुट अनुदान योजना के अंतर्गत बिहार के मुजफ्फरपुर, शिवहर, पूर्वी चंपारण, रोहतास, सीतामढ़ी और गया में लाभ मिलेगा।
वैसे तो नॉर्मली आवेदन करने के 3-4 सप्ताह बाद कृषि इनपुट अनुदान का पैसा आपके खाते में आ जाता है. लेकिन कभी-कभी तकनिकी खराबी एवं अधिकारीयों की लापरवाही की वजह से पैसा आपके अकाउंट में आने में थोड़ा ज्यादा समय लग जाता है |