
दोस्तों क्या आप उत्तर प्रदेश के निवासी है या फिर उत्तर प्रदेश में किसी जमीन के बारे में विस्तार पूर्वक जानना चाहते हैं तो यह आर्टिकल आपके लिए बेहद ही महत्वपूर्ण होने वाला है। तो आज के इस आर्टिकल में हम बात करेंगे की आप घर बैठे यूपी भूलेख खसरा खतौनी ऑनलाइन कैसे देख सकते है और साथ ही साथ खसरा खतौनी के बीच क्या अंतर है। सारी प्रक्रिया को ध्यानपूर्वक समझने के लिए हमारे इस आर्टिकल को शुरू से अंत तक पढ़ें और आर्टिकल में बताई गई प्रक्रिया को सही से ढंग से अपनाएं और अपना समय बचाएं।
यूपी भूमि अभिलेख कैसे जांचें और डाउनलोड करें ?
Step 1 :- सबसे पहले आपको अपने फोन या लैपटॉप के किसी भी ब्राउज़र पर upbhulekh.gov.in की आधिकारिक वेबसाइट को खोलना है।
Step 2 :- इसके बाद आपके सामने वेबसाइट का होम पेज खुल कर आएगा होम पेज पर आपको ढेर सारे ऑप्शन दिखेंगे। उन सभी ऑप्शंस में से आप अपने Land Record को देखने के लिए खतौनी अधिकार (अभिलेख की नकल) देखे वाले विकल्प पर क्लिक करें।

Step 3 :- अब आपको कैप्चा कोड सही ढंग से दर्ज करना होगा और फिर ‘Submit’ बटन पर क्लिक करना होगा।

Step 4 :- इसके बाद अब आपको अपने जिले, तहसील और गांव के नाम को सही से चुनना होगा।

Step 5 :- अब आप जिस जमीन का land record देखना चाहते हैं उस जमीन का खसरा नंबर दर्ज करे और “खोजें” विकल्प पर क्लिक करें।

Step 6 :- अब आपको अपना दर्ज किया गया खसरा नंबर दिखाई देगा। उस नंबर पर क्लिक करें और फिर हरे “उद्धरण देखे” बटन पर क्लिक करें।

Step 7 :- अब आपको दिए गए कैप्चा को दोबारा दर्ज करना होगा और “Continue” के ऑप्शन पर क्लिक करना होगा |
Step 8 :- अब आपके सामने आपके जमीन का पूरा रिकॉर्ड खुलकर आ जाएगा। जहां आपका रकबा यानी कि आपके जमीन का क्षेत्रफल कितना है और आपका खाता संख्या और साथ ही साथ खसरा संख्या भी लिखा होगा। दिए गए खसरा नंबर पर क्लिक करके आप Land Record की विस्तृत जानकारी यानी कि अपने खसरा से जुड़ी सारी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

Step 9 :- खसरा नंबर पर क्लिक करने के बाद आपके सामने खसरा संबंधित जानकारियों को प्राप्त करने के लिए कई सारे ऑप्शन खुलकर आएंगे। जिन ऑप्शन के जरिए आप अपने भूखंड के कोर्ट की स्थिति, बाढ़ग्रस्त होने की स्थिति, विक्रय की स्थिति तथा अपने भूखंड का भू नक्शा इत्यादि विकल्प मौजूद होंगे। आप अपनी आवश्यकता अनुसार किसी भी ऑप्शन को चुने और जमीन से जुड़ी सारी जानकारी को प्राप्त करें।

तो इस तरह आप उत्तर प्रदेश राज्य के लिए भूमि विवरण और भूमि रिकॉर्ड/खतरा खतौनी की जांच कर सकते हैं।
खसरा और खतौनी में क्या अंतर होता है ?
अगर आपने कभी जमीन खरीदी या बेची है तो आप शायद खसरा और खतौनी के बारे में जानते होंगे। खसरा आपको यह पता लगाने में मदद करता है कि वास्तव में जमीन का टुकड़ा किसका है और यह आपको मालिक का नाम, जमीन का आकार और जमीन से संबंधित किसी भी कानूनी मुद्दे जैसी जानकारी देता है। इससे यह भी पता चलेगा कि जमीन पर कोई विवाद है या नहीं। आप खसरा के माध्यम से भूमि का नक्शा भी प्राप्त कर सकते हैं, जो सभी विवरण जानने और अपने दस्तावेजों को सुरक्षित रखने का एक तरीका है। प्रत्येक खसरे की पहचान के लिए एक अद्वितीय संख्या होती है।
दूसरी और, खतौनी एक भूमि खाता संख्या की तरह है। इसमें किसी व्यक्ति के स्वामित्व वाली सभी भूमि सूचीबद्ध होती है। तो, खसरा विस्तृत भूमि जानकारी के लिए है, जबकि खतौनी भूमि स्वामित्व के सारांश की तरह है। ज़मीन का सौदा करते समय आपको इन शर्तों का सामना करना पड़ेगा, इसलिए धोखाधड़ी से बचने के लिए खरीदने से पहले भूमि रिकॉर्ड की जाँच करना आवश्यक है। अपनी भूमि के विवरण को शीघ्रता से और सुरक्षित रूप से जांचने के लिए बस ऊपर दिए गए चरणों का पालन करें। बस उपरोक्त प्रक्रिया का पालन करें और कुछ ही मिनटों में अपनी भूमि का विवरण जांचें।