
बिहार अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना 2023
बिहार अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना यह एक सरकारी योजना है जो बिहार सरकार द्वारा चलाई जा रही है । इस योजना के तहत बिहार में अलग-अलग जातियों के लोगों के बीच विवाह को प्रोत्साहित करना है। इस योजना के अंतर्गत यदि बिहार में रहने वाले दो लोग अंतरजातीय विवाह करते हैं तो उन्हें आर्थिक सहायता प्रदान की जायेगी ।
इस योजना के जरिये , विवाहित जोड़े को (विवाह के बाद ) 2.5 लाख तक की आर्थिक सहायता दी जायेगी । इस योजना के तहत जोड़ों को समूह बीमा कराना होगा। यह उन्हें किसी भी दुर्घटना या आपदा के समय आर्थिक सहायता प्रदान करने की सुविधा देता है। बिहार अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना को शुरू करने का एक ही उद्देश्य है समाज में जाति और धर्म से उत्पन्न समस्याओं को कम करना । बिहार सरकार उन लोगों को आर्थिक सहायता प्रदान करती है, जो अंतरजातीय विवाह करते हैं। इस योजना के तहत सरकार समाज में एकता को प्रोत्साहित करती है।
अंतरजातीय विवाह योजना क्या है?
अंतरजातीय विवाह योजना एक सरकारी योजना है जो विभिन्न राज्यों में चलाई जाती है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य विभिन्न जातियों और समुदाय के लोगों के बीच विवाह को प्रोत्साहित करना है। जो लोगों को आर्थिक आवश्यकताओं के आधार पर आर्थिक सहायता प्रदान करती है ताकि वे अपने विवाह के खर्च का बोझ संभाल सके।
इस योजना के अंतर्गत विवाह के लिए आवेदन करने वाले जोड़ों को निश्चित शर्तों का पालन करना होता है, जैसे कि उन्हें कम से कम विवाह के समय 18 वर्ष का होना चाहिए। इसके अलावा, इस योजना के अंतर्गत आर्थिक सहायता विवाह के बाद एक बार दी जाती है और इससे पहले कोई कटौती नहीं होती है। इससे विवाह करने वालों को आर्थिक बोझ कम करने में मदद मिलती है और इससे समाज में होने वाले भेदभाव को भी कम किया जा सकता है |
अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना शुरू करने का क्या उद्देश्य है ?
बिहार अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना 2023 का मुख्य उद्देश्य अंतरजातीय विवाहों को प्रोत्साहित करना है और समाज में भेदभाव को कम करना है। इस योजना के माध्यम से समाज के लोवर क्लास से संबंधित जोड़ों को विवाह करने के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है ताकि उन्हें अपने विवाह का आयोजन करने में मदद मिल सके सारा बोज उन पर ना आये |
इस योजना के माध्यम से समाज में सभी लोगों के बीच समानता और भाईचारे का माहौल बनेगा और सभी लोग एक दूसरे के साथ बिना भेदभाव के रह सकेंगे |

बिहार अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना के लाभ
- यह योजना अंतरजातीय विवाह से जुड़ी सामाजिक समस्याओं को कम करने में मदद करती है।
- इस योजना के तहत दी जाने वाली वित्तीय सहायता आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए बहुत आवश्यक है।
- यह योजना विवाह के खर्चों को कम करने में मदद करती है जिससे विवाह की लागत कम होती है और विवाह जोड़ी को आर्थिक रूप से आरामपूर्ण रहने में मदद मिलती है।
- इस योजना के लाभ के लिए योग्य उम्मीदवारों को विवाह के बाद अन्य सरकारी योजनाओं में भी सम्मिलित होने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना की पात्रता
- आयु 21 वर्ष से अधिक होनी चाहिए।
- आवेदक बिहार राज्य का निवासी होना चाहिए।
- अंतरजातीय विवाह के लिए आवेदक अपने आधार कार्ड और जाति प्रमाण पत्र की सत्यापित प्रति पेश करनी होगी।
- आवेदक शादीशुदा होना चाहिए और अभी तक कुछ नहीं जोड़ा होना चाहिए।
- इसके अलावा, योजना के लिए विशेष योग्यता नहीं है।
- सभी उत्तराधिकारी अभ्यर्थी इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं।
अंतरजातीय विवाह के क्या लाभ है ?
- समाज में एकता बढ़ती है: अंतरजातीय विवाह करने से भीड़-भाड़ वाले समाज में समझौता करने वाले लोगों में समाज की एकता बढ़ती है।
- विभिन्न संस्कृतियों का सम्मलित अनुभव: अंतरजातीय विवाह से विभिन्न संस्कृतियों के लोग एक साथ रहते हैं और एक दूसरे के संस्कृति, भाषा, और अन्य विविधताओं को समझते हुए एक दूसरे से सीखते हैं।
- बढ़ती जनसंख्या के विरोध में एक प्रभावी कदम: जब जनसंख्या बढ़ती है तो अंतरजातीय विवाह एक प्रभावी कदम होता है जो जनसंख्या वृद्धि के विरोध में मदद करता है।
- राजनीतिक सुरक्षा: अंतरजातीय विवाह से विभिन्न समाजों के लोगों के बीच संबंध बनते हैं और इससे राजनीतिक सुरक्षा बढ़ती है। इसके लिए समाज में सहयोग और एकता के भाव का विकास होता है।
महत्वपूर्ण दस्तावेज
- आधार कार्ड (दोनों विवाहित जोड़े का)
- निवास प्रमाण पत्र
- आयु प्रमाण पत्र
- वोटर आईडी
- पैन कार्ड
- शादी का कार्ड
- मैरिज सर्टिफिकेट
- जाति प्रमाण पत्र
- शादी का फोटो (दोनों साथ में)
- मोबाइल नंबर
- पासपोर्ट साइज फोटो विवाहित जोड़े का
- एक जॉइंट अकाउंट होना चाहिए
अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना में आवेदन करने की प्रक्रिया
- सबसे पहले, आपको ऑनलाइन आवेदन पोर्टल पर जाना होगा। आप बिहार सरकार की ऑफिसियल वेबसाइट पर जाकर इसे ढूंढ सकते हैं।
- वेबसाइट पर जाने के बाद, आपको “योजनाएं” अनुभाग में जाकर “अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना” का चयन करना होगा। योजना के पृष्ठ पर जाने के बाद, आपको ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया को पूरा करना होगा।
- इसमें आपको अपने व्यक्तिगत और परिवार के विवरण, बैंक खाता विवरण और विवाह से संबंधित जानकारी देनी होगी।
- आवेदन की सफलता के बाद, आपको एक प्रमाण पत्र उत्पन्न करना होगा, जिसे आपको सभी दस्तावेजों के साथ बैंक में जमा करना होगा।
- आपके दस्तावेजों की सत्यापन के बाद, आपके बैंक खाते में योजना के अनुसार राशि जमा की जाएगी।
- यदि आपके पास इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन करने से संबंधित कोई समस्या होती है, तो आप सम्पर्क कर सकते हैं
बिहार अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना 2023 (FAQs)
अंतरजातीय विवाह करने वालों को प्रोत्साहन देने के लिए बिहार सरकार ने प्रोत्साहन राशि को बढ़ाकर एक लाख रुपए कर दिया है। साथ ही भारत सरकार के अंबेडकर फाउंडेशन की ओर से भी ढाई लाख रुपए दिए जा रहे हैं।
जिला अधिकारी को प्रार्थना पत्र लिखकर देना होगा।
इन विवाहों को मान्यता देने के लिए अलग-अलग कानून बनाए गए हैं। इसके अलावा विभिन्न धर्मों के लिए व्यक्तिगत कानूनों का भी निर्माण किया गया है। जिनमें हिंदू विवाह अधिनियम 1955, मुस्लिम पर्सनल लॉ 1937, भारतीय ईसाई विवाह अधिनियम, पारसी विवाह और विवाह विच्छेद 1936 व विशेष विवाह अधिनियम 1954 मुख्य हैं।